Ganesh Pujan Mein Rakhe In Bato Ka Dhyan

Ganesh Pujan Mein Rakhe in Bato Ka Dhyan, ऐसा माना जाता है कि इस दौरान गणपति जी धरती पर ही निवास करते हैं।
Ganesh Pujan Mein Rakhe In Bato Ka Dhyan
Ganesh Pujan
हर साल विघ्नहर्ता आते हैं और भक्तों के साथ रहकर उनके सुख-दुख को बांटते हैं और उनकी सभी इच्छाओं को पूरा करते हैं। यदि भक्तगण सच्चे दिल से गणपति जी की सेवा आराधना करते हैं, तो उन्हें सभी सिद्धियां प्राप्त होती हैं।

Ganesh Pujan में रखें इन बातों का विशेष तौर पर ध्यान-

1. Ganesh Puja करते समय कभी भी दो मूर्तियों एक साथ ना रखें, क्योंकि अक्सर 2 मूर्तियों को एक साथ रखने से नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

2. जब दोनों मूर्ति की ऊर्जा आपस में टकराती है तो अशुभ फल की प्राप्ति होती है।


3. श्री गणेश जी को सुख समृद्धि का देवता माना जाता है, गणेश जी के मुख की तरफ सुख, समृद्धि और शुभ लाभ का वास होता है। इसलिए गणेश जी का मुख कभी भी दरवाजे की तरफ ना रखें। बल्कि एक सही दिशा चुनकर गणेश जी की स्थापना करें।

4. पुराणों के अनुसार गणेशजी की पीठ का दर्शन करना अशुभ माना जाता है।

Ganesh Pujan Mein Rakhe In Bato Ka Dhyan
GANESH CHATHURTHI
5. Ganesh Chaturth पर गणेश जी को प्रसन्न करना बेहद जरूरी है, इसलिए जरूरी है कि हम गणेश चतुर्थी की पूजन विधि सही तरह से करें और उन्हें किस तरह से खुश करना है, पूरी, पकवान, मेवा, मिष्ठान बनाकर उनकी सेवा करें।

और इस पूरी, पकवान को वृध्द गरीबों, निसहायो में बांट दें। ताकि गणपति जी का आशीर्वाद हमें प्राप्त हो, और हम उन्हें खुश कर पाएं।



गणेश चतुर्थी के पावन मौके पर गणेश जी हमारे घर पर मेहमान बनकर 10 दिनों तक आते है। हमें इनकी बहुत अच्छे तरीके से सेवा आराधना करनी है और उन्हें खुश रखना है। ताकि जब आए तो फिर यहां से कभी ना जाए और यहां रहने का मन बना लें।

Vighnaharta Gauri Putra Ganesh जी काये पावन त्यौहार हमें शुभ लाभ देता है, इसके साथ ही रिद्धि सिद्धि प्रदान करता है। गणपति के आगमन के पर एक अलग ही माहौल देखने को मिलता है।
Ganesh Pujan Mein Rakhe In Bato Ka Dhyan
Ganesh ji Pujan
ऐसी भी मान्यता है कि Bhagwan Ganesh जी धरती पर आकर अपने भक्तों की सभी मनोकामनाओं को पूरा करते हैं। और Anant Chaturdashi तक गणेश जी की हम सभी सेवा आराधना करते हैं।

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