Holi Special:- Muhurt Aur Rochak Baatein Kya Kyu Aur Kaise होली स्पेशल मुहूर्त और रोचक बातें क्या क्यों और कैसे

"Holi Special:- Muhurt Aur Rochak Baatein Kya Kyu Aur Kaise"

"Holi Muhurt" मुहूर्त हिन्दू पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास की पूर्णिमा 01 मार्च गुरूवार की रात में होलिका दहन का उत्सव मनाया जाएगा। इसके दूसरे दिन रंगो की होली{Holi} मनायी जायेगी। ज्योतिष के अनुसार शाम 6:26 बजे से शाम 8:55 बजे तक शुभ मुहूर्त है। और दूसरे दिन धुरेड़ी, रंगों की होली 02 मार्च को है।

Holi Special:- Muhurt Aur Rochak Baatein Kya Kyu Aur Kaise

"Holi Special"

Rochak Baatein Kya Kyu Aur Kaise:-


शास्त्रों में शुभ मुहूर्त के अनुसार ही किसी भी कार्य को करने का विशेष शुभफल होता है।
"Holi" होली एक महत्वपूर्ण भारतीय त्यौहार है। इसे रंगो का त्यौहार भी कहते है। होली वसंत ऋतु मे मनाया जाता है। और यह त्यौहार हिन्दू पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है।

"Holi" होली का त्यौहार पूरी दुनिया में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। होली के त्यौहार की परम्पराएँ अत्यंत प्राचीन है। प्राचीन काल मे महिलाओ द्वारा परिवार की सुख समृद्धि के लिए पूजन और पूर्ण चन्द्र की पूजा करने की अनोखी परंपरा थी।


Kya Kyu Aur Kaise:- क्या आप जानते है कि "Holi" अन्न को होला भी कहा जाता है, इसलिए इसकाे होलिकोत्सव के नाम से भी जाना जाता है। होली का पहला काम ये है कि जहां पर होलिका दहन किया जाना है, वहां पर अंडी के पेड़ को लगाया जाता है। जिसे झण्डा या डंडा गाड़ना भी कहा जाता है। झंडे या डंडे को किसी सार्वजनिक स्थान मे लगाया जाता है। इसकी तैयारियां काफी दिन पहले से ही शुरू हो जाती है।

"Holi" होली का पहला दिन होलिका दहन कहलाता है। इस दिन चौराहों में आग जलाने के लिए लकड़ी की  व्यवस्था की जाती है और होली जलायी जाती है। इसमे लकड़ियों और कंडे का उपयोग किया जाता है। लकड़ियों व कंडे के ऊपर होलिका सहित प्रहलाद जी को स्थापित किया जाता है।

"Holi" होली की विधिवत पूजा करके इसका घेरा लगाया जाता है। घरों मे पुड़ी पकवान आदि बनाए जाते है, और उनका भोग लगाया जाता है। होलिका दहन के समय आग लगाते समय प्रहलाद को बाहर निकाल लिया जाता है। और होलिका का दहन कर दिया जाता है।


शाम को शुभ मुहूर्त पर होली का दहन करने की प्रथा है। इस आग मे नई फसल, गेहूँ की बालियों और चने को भूना जाता है। जिसे होरे के नाम से जाना जाता है। होलिका दहन में बुराइयां,पाप जलकर नष्ट हो जाते है।

इस दिन लोग देर रात तक नाचते, गाते है। इस दिन ढोल बजाये जाते है, सब एक साथ मस्ती करते है और खुशियां मनाते है।

Holi Special:- Muhurt Aur Rochak Baatein Kya Kyu Aur Kaise
Girl is playing holi

"Holi Special:- Muhurt Aur Rochak Baatein Kya Kyu Aur Kaise"

"Holi" होली के दूसरे दिन धुरेड़ी अर्थात् रंगों की होली मनाई जाती है। एक दूसरे को गुलाल का टीका लगाकर होली की शुरूआत करते है। फिर सभी लोग इकटठा होकर रंग, गुलाल से एक दूसरे के साथ होली खेलते है। उसके बाद नाच, गाना के साथ जमकर ठुमके लगाते है। सभी बच्चे पिचकारी, रंग भरे फुग्गे से होली खेलते है।


भारत मे ब्रज की लठमार होली भी बेहद ही है। यह की प्रथा में पुरुष जब महिलाओ पर रंग डालते है और फिर उसके बाद महिलाएँ उन्हें लाठियों व कपड़े के बनाए गए कोड़ो से मारती है। होली त्यौहार भारत के अलावा विदेशो मे भी मनाया जाता है। विदेशो मे अलग-अलग तरीके से होली का त्यौहार मनाया जाता है।

सभी जगहो पर होली अलग अलग तरीके से मनायी जाती है। भारत मे "Holi" होली का त्योहार बड़े ही अनोखे तरीके से मनाया जाता है, इसके साथ विदेशों में भी होली बड़े पैमाने पर मनाई जाती है, विदेशी भी होली के इस पर्व को बड़े ही जोर शोर से मनाते है। यहां होली की पहल भारतीयों दृारा की गई जिसके कारण अब यहां पर सभी लोग जमकर होली खेलते हैं।

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